:
Breaking News

बिहार एमएलसी चुनाव 2026: राजद ने सुनील सिंह को फिर बनाया उम्मीदवार, नामांकन आज 10:30 बजे

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार विधान परिषद चुनाव में राजद ने पूर्व विधान पार्षद सुनील सिंह को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन आज सुबह 10:30 बजे होगा। भाजपा ने पवन सिंह समेत कई उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है।

पटना/आलम की खबर:बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। नामांकन के अंतिम दिन सभी प्रमुख दल अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुके हैं। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक बार फिर पूर्व विधान पार्षद सुनील सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के इस फैसले के बाद उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप यादव के नामों को लेकर चर्चाएं तेज थीं।

सुनील सिंह आज सुबह 10:30 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से चल रही अंदरूनी चर्चाओं के बाद यह निर्णय लिया गया कि अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए सुनील सिंह ही सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। इससे पहले लालू प्रसाद यादव के सिंगापुर दौरे के बाद रोहिणी आचार्य के नाम की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में काफी हलचल पैदा कर दी थी, लेकिन अंतिम निर्णय में पार्टी ने अनुभवी चेहरे पर ही भरोसा जताया।

नामांकन के अंतिम दिन पटना स्थित विधानसभा परिसर में भारी राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। राजद और एनडीए दोनों ही गठबंधन के उम्मीदवार सुबह 10:30 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में नजर आएगा।

भाजपा ने इस चुनाव को और अधिक रोचक बनाते हुए भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है। उनके अलावा पार्टी ने अपने मौजूदा विधान पार्षदों को भी दोबारा मौका दिया है, जिससे साफ है कि भाजपा अनुभव और लोकप्रियता दोनों को साथ लेकर चल रही है।

राजद का यह फैसला राजनीतिक जानकारों के अनुसार रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी ने न सिर्फ अंदरूनी विवादों को खत्म किया है, बल्कि विपक्ष को परिवारवाद जैसे मुद्दों पर हमला करने का मौका भी सीमित कर दिया है।

वहीं एनडीए खेमे में राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं। उनके बेटे दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। अगर उन्हें एमएलसी नहीं बनाया जाता है, तो इसका असर उनकी मंत्री पद की स्थिति पर भी पड़ सकता है।

कुल मिलाकर बिहार एमएलसी चुनाव 2026 इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है, जहां एक ओर राजद अनुभवी चेहरे पर भरोसा जता रहा है, वहीं भाजपा लोकप्रिय चेहरों के जरिए चुनावी मुकाबले को धार दे रही है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *